
बेमेतरा, 15 सितंबर 2026।बेमेतरा जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अमृत लाल रोहलदेकर के विरुद्ध छत्तीसगढ़ प्रदेश सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी संघ द्वारा की गई गंभीर शिकायतों के मामले में राज्य स्तर पर बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई सामने आई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रदेश सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी संघ द्वारा प्रस्तुत शिकायतों के आधार पर राज्य कार्यालय द्वारा गठित जांच समिति ने शिकायतों/आरोपों को सही पाया, जिसके बाद डॉ. अमृत लाल रोहलदेकर को दिनांक 15/09/2026 को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
18 अगस्त को हुआ था बड़ा आंदोलन
CMHO बेमेतरा के विरुद्ध कार्रवाई की मांग को लेकर छत्तीसगढ़ प्रदेश सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी संघ के आह्वान पर 18 अगस्त 2026 को बेमेतरा कलेक्टर कार्यालय का घेराव किया गया था। इस आंदोलन में प्रदेश के लगभग 12–15 जिलों से करीब 1000 से 1200 CHO एवं अन्य NHM अधिकारी-कर्मचारी शामिल हुए थे।
कर्मचारियों ने कचहरी चौक से रैली निकालकर कलेक्टर कार्यालय की ओर कूच किया था। पुलिस प्रशासन द्वारा रैली को सिग्नल चौक के पास रोके जाने के बाद संघ के 10 प्रतिनिधियों को कलेक्टर कार्यालय ले जाकर ज्ञापन प्रस्तुत कराया गया था।
जांच के दौरान CMHO को हटाने की रखी गई थी मांग
कलेक्टर कार्यालय में हुई चर्चा के दौरान जिला प्रशासन द्वारा संघ प्रतिनिधियों को जानकारी दी गई थी कि CMHO के विरुद्ध प्राप्त शिकायतों को विशाखा समिति/संबंधित जांच समिति के समक्ष जांच हेतु भेजा गया है।
संघ ने उस समय जांच की निष्पक्षता को लेकर महत्वपूर्ण मांग रखते हुए कहा था कि जांच पूरी होने तक CMHO को वर्तमान पद से हटाया जाए, ताकि शिकायतकर्ता कर्मचारियों एवं संभावित गवाहों पर किसी प्रकार का प्रशासनिक दबाव न रहे।
संघ ने यह मांग भी रखी थी कि CMHO के अधीन कार्यरत अधिकारियों एवं कर्मचारियों को जांच समिति में शामिल नहीं किया जाए, ताकि जांच की निष्पक्षता एवं पारदर्शिता बनी रहे। जिला प्रशासन द्वारा इस संबंध में आवश्यक आश्वासन दिए जाने के बाद संघ ने शासन को दो सप्ताह का समय दिया था।

महिला कर्मचारियों सहित CHO संवर्ग से जुड़ी थीं गंभीर शिकायतें
प्रदेश सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी संघ द्वारा पूर्व में प्रस्तुत शिकायतों में महिला कर्मचारियों के साथ कथित रूप से अनुचित व्यवहार एवं आपत्तिजनक टिप्पणियों, समीक्षा बैठकों में अभद्र भाषा के प्रयोग, कर्मचारियों को कथित रूप से धमकी दिए जाने, CHO संवर्ग को सार्वजनिक रूप से अपमानित करने, NHM के निर्धारित Terms of Reference (TOR) के विपरीत कार्य लेने, वेतन रोकने, मुख्यालय निवास के संबंध में दबाव बनाने तथा CHO संवर्ग के साथ कथित भेदभाव सहित कई गंभीर बिंदु उठाए गए थे।
संघ ने इन शिकायतों की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच की मांग की थी तथा जांच में आरोप सत्य पाए जाने पर संबंधित अधिकारी के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की मांग की थी।
जांच के बाद हुई निलंबन की कार्रवाई
अब राज्य कार्यालय द्वारा गठित जांच समिति द्वारा शिकायतों को सही पाए जाने के बाद डॉ. अमृत लाल रोहलदेकर के विरुद्ध निलंबन की कार्रवाई किए जाने की जानकारी सामने आई है।
दिनांक 15 सितंबर 2026 को उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है।
इस कार्रवाई को कर्मचारियों द्वारा लंबे समय से उठाई जा रही शिकायतों के मामले में महत्वपूर्ण प्रशासनिक कदम माना जा रहा है।
CHO संघ ने कहा—सत्य की हुई जीत
निलंबन की कार्रवाई पर छत्तीसगढ़ प्रदेश सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी संघ ने इसे कर्मचारियों की गरिमा, महिला सुरक्षा एवं निष्पक्ष प्रशासन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है।
संघ का कहना है कि आंदोलन का उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष को पूर्वाग्रहपूर्वक दोषी ठहराना नहीं था, बल्कि शिकायतों की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक तथ्यों को सामने लाना था। राज्य स्तर पर गठित जांच समिति द्वारा शिकायतों को सही पाया जाना इस बात को दर्शाता है कि कर्मचारियों द्वारा उठाए गए विषयों को गंभीरता से लिया जाना आवश्यक था।
संघ ने कहा कि अब उसकी अपेक्षा है कि जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे की विभागीय एवं विधिसम्मत कार्रवाई भी पारदर्शी तरीके से पूरी की जाए तथा कर्मचारियों के विरुद्ध किसी भी प्रकार की प्रतिशोधात्मक कार्रवाई न हो।
दो सप्ताह के आंदोलन की चेतावनी के बाद हुई कार्रवाई
विशेष रूप से उल्लेखनीय है कि 18 अगस्त के आंदोलन के बाद संघ ने शासन एवं प्रशासन को दो सप्ताह का समय देते हुए चेतावनी दी थी कि प्रभावी कार्रवाई नहीं होने पर प्रदेश स्तर पर “काम बंद–कलम बंद” आंदोलन प्रारंभ किया जाएगा।
अब 15 सितंबर को CMHO बेमेतरा के तत्काल निलंबन की कार्रवाई के बाद संघ के आंदोलन की प्रमुख मांगों में से एक पर महत्वपूर्ण प्रशासनिक कार्रवाई हुई है।
संघ ने कहा कि वह आगे भी कर्मचारियों के सम्मान, महिला सुरक्षा, निष्पक्ष प्रशासन तथा ग्रामीण क्षेत्रों में निर्बाध स्वास्थ्य सेवाओं के लिए लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से अपनी आवाज उठाता रहेगा।














